Bhagwad Geeta लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप अक्टूबर 06, 2021 "अर्जुन ने कहा: हे मधुसूदन आपने जिस योग्य पद्धति का संक्षेप में वर्णन किया है वह मेरे लिए और अव्यवहारिक तथा और असह्य प्रतीत होती है ,क्योंकि मन अस्थिर तथा चंचल है।" भगवतगीता (6.33) लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ
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